I want to die while you love me - Douglas Johnson

                  (  पेंटिंग: इलाहाबाद विश्वविद्यालय के बी.एफ.ए. फाइन आर्ट के एक स्टूडेंट द्वारा)


मैं तुम्हारे प्यार में रह प्राण खोना चाहती हूँ,
जबकि मेरी रूपता तुममें बसी हो,
और जबकी होंठ में मेरे हँसी हो,
और मेरे केश में आभा बसी हो ।

मैं तुम्हारे प्यार में रह प्राण खोना चाहती हूँ,
और अब भी बिस्तरों में जो मिले थे!
हूँ संभाले सब तुम्हारे उग्र चुम्बन,
उस वक्त के स्नेह ख़ातिर, जब मरूँ मैं ।

मैं तुम्हारे प्यार में रह प्राण खोना चाहती हूँ,
ओह्ह! ऐसा कौन जीवन चाहता है?
प्रेम में जब शेष भी कुछ न बचा हो,
माँगने को, और न ही सौंपने को ।

मैं तुम्हारे प्यार में रह प्राण खोना चाहती हूँ,
कभी भी-जरा सा भी नहीं,
इस पूर्णता के दिवस की गरिमा-
देखो! न ही मद्धम पड़े या रुके कहीं ।

- Georgia Douglas Johnson
हिन्दी अनुवाद: विनय एस तिवारी

Comments

Popular posts from this blog

उस शाम

विदा छिन्दवाड़ा!

तुम्हारे लिए उस रेस्तरां में चाय, जब तुम नहीं थे ।