इस डायरी में, कुछ स्मृतियाँ संजोकर रखना चाहता हूँ अंशुल के लिए, ताकि जब वो बड़ा हो और उसे स्वयं को जानने की अभीप्सा हो तो अपने अतीत की ओर मुड़ सके और अतीत को शब्दों में जीते हुए अपने वर्तमान को सुनिश्चित कर सके । स्वयं को पहचान कर अपना मार्ग प्रशस्त कर सके । दिनाँक : 27 नवंबर,2021 अंशू ननिहाल में हैं । आज अंशु से वीडियो कॉल में बात हुई तो मुझे देख कर रोने लगा। । मेरे पास आना चाह रहा था, क्योंकि इधर उसका विशेष स्नेह हो गया है मुझसे । इसका कारण यह है की उसे मैं गोद में लेके घुमाता हूं । उसे घूमना, तरह तरह की चीजें देखना पसंद है । मेरे साथ वह थोड़ी शरारत भी कर सकता था जैसे फ्रिज कवर को खींचना, जाली से प्लेट, कटोरी अपने से लेले लेना आदि.. उस दिन जब मैं किचेन में प्यूरी बना रहा था उसके लिए तब, पहली बार अंशू क्रॉलिंग करते हुए रूम से किचेन तक का सफर स्वयं तय किया ! यह दिन था 20 नवंबर 2024 । यह दिन ऐतिहासिक था उसके लिए । अभी तक एक दो कदम ही क्रोलिंग करता था । अब वह दोनो कमरों और किचन में तो पहुंचता ही रहता है । फर्श की टाइल्स काफी ठंडी रहती है इसलिए हमें उसे दस्ताने पहनाने पड़ते हैं जो उसे अच्...
विदा, छिंदवाड़ा! छिंदवाड़ा मुझे अकस्मात मिला । कोई उम्मीद नहीं थी कि मैं कभी छिंदवाड़ा जाऊॅंगा, पर मिलना था सो मिले । यह जून 2023 था जब मैं यहाँ पहुँचा । पहले पहल उत्सुकता और अनभिज्ञता हर नए शहर में होती है सो हुई, किंतु जब रहने पहुँचा तो शहर ने आकंठ भर लिया । छिंदवाड़ा, मध्य प्रदेश का दक्षिणी जिला है जो नागपुर से ठीक उत्तर अवस्थित है । इसका शहरी क्षेत्रफल कम ही है किन्तु है शानदार शहर! यहाॅं का मौसम, स्वच्छता, ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठता यहाॅं की सौंदर्यमणियाॅं हैं । इसे प्रकृति ने अपनी छत्र-छाया में रखा है, ठीक जैसे पचमढ़ी को । यद्यपि यहाँ कोई नदी का तटीय क्षेत्र नहीं है, फिर भी स्वाभाविक खुलापन है इस शहर में, जिसके कारण मन आनंदित रहता है । वस्तुत यह खुलापन इस शहर में ही व्याप्त है, इसके मोहल्लों में, सड़कों में, सब्जी मंडी में हर जगह । इस शहर का मौसम यहाॅं का कीर्तिस्तंभ है, ग्रीष्म में भी तापमान 38 से 40° सेल्सियस पहुॅंचते ही उमड़ पड़ते हैं बादल और फिर लुढ़का देते हैं तापमान को नीचे । यहाॅं कॉफ़ी हाउस का डोसे, श्री राधे टावर के पास वीआईपी रोड की तंदूरी चाय, हरे माधव की फुल्की क...