ट्रैफिक जाम
मैं अपनी एक पुरानी डायरी जो रद्दी वाले को पुराने अख़बार देते वक्त मिली थी पलट रहा था । उसमे कुछ पुराने कॉन्टेक्ट नंबर थे..और कुछ लोगों के नाम जो मेरी ज़िन्दगी में आने वाले सबसे अच्छे लोग थे । मैं एक-एक करके पन्ने पलटता जाता मानो अपने ज़िन्दगी की किताब पलट रहा हूँ ...धीरे-धीरे अंगुलियां एक नाम पर ठहर गईं । ' रिया ' एक नाम जो मेरी ज़िन्दगी में आने वाले नामों में सबसे अच्छा नाम है । वैसे रिया नाम भी कितना क्यूट लगता है न..?? सोचो वो कितनी खूबसूरत रही होगी । पहली बार देखा था उसे केमेस्ट्री की कोचिंग में... मैं भी साईकिल से था और वो भी । ओल्ड मॉडल लेडीज साईकिल को हाँथों में थामे हुए पैदल आ रही थी । पिंक कलर के सूट के ऊपर हल्की कत्थई शॉल ओढ़े थी कम्बख्त ठण्ड भी उस दिन बहुत पड़ रही थी । ठण्ड से उसके गाल और लाल हो गए थे । इतनी मासूम और शांत लड़की पहली बार देखा था मैंने !! उसे देखते देखते कब दो महीने निकल गए पता ही नहीं चला.., हम दोनों का बैच बदल गया था हमारी मुलाकात महज़ रास्तों में पल भर के लिए होती थी । और उन्हीं दो पलो...