Friday, 1 May 2020
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इत्यलम् (मेरी डायरी)
13 सितंबर 2026 प्रसंग : एक Facebook पोस्ट से शुरू हुई स्मृति, AI और वास्तविकता पर छोटी-सी परिचर्चा आज Facebook पर मेरे एक Phil...
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इस डायरी में, कुछ स्मृतियाँ संजोकर रखना चाहता हूँ अंशु के लिए, ताकि जब वो बड़ा हो और उसे स्वयं को जा...
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पलास का वृक्ष और उसकी छाँव शुभे! तुम्हारी आंखों को, मैं झील-ए-शराब नहीं कहता! इसका अर्थ यह नहीं, कि मुझे उन...
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मैंने एकबारगी तुम्हारे बगैर भी चाय पिया था उस रेस्तरां में । तुम्हारे लिए ही , ये जानने कि, जब तुम्हें लाऊँगा तो इसकी चाय तुम्हें पसं...

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