Friday, 1 May 2020

प्रेरणा



                             पेंटिंग राजा रवि वर्मा - एक भारतीय नारी 

जब भी घोर निराशा मन को प्राणहीन कर छा जाती है,
तभी किसी की स्मित शशि-छवि, मुझे प्राणमय कर जाती है ।
देवी! वह मलयज चन्दन सी, मोहमयी शीतल छाया सी,
सुरकन्या सी आभा लेकर, कल्प-तरु जैसी काया भी,
झगझोड़ जगा मुझको आँधी सी, नव-जीवन देकर जाती है ।

- विनय एस तिवारी

No comments:

Post a Comment

इत्यलम् (मेरी डायरी)

13 सितंबर 2026 प्रसंग : एक Facebook पोस्ट से शुरू हुई स्मृति, AI और वास्तविकता पर छोटी-सी परिचर्चा आज Facebook पर मेरे एक Phil...