इलाहाबाद विश्वविद्यालय





हमारा विश्वविद्यालय, हमारा विश्वविद्यालय
हर एक उम्मीद का आँगन,
हर एक विश्वास का आलय,
हर एक सपनों को पर देता,
हर एक चाहत को बुन देता,
बसा माँ गङ्गा के तट पर-
है उगते रवियों का आलय ।
है देता हर परिन्दे को,
उड़ाने भी नई, नव लय ।
हमारा विश्वविद्यालय, हमारा विश्वविद्यालय ।

-विनय एस तिवारी

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